The Ichhapuran Balaji Temple in Sardarshahar, located in the Churu district of Rajasthan, is a divine and unique Hanuman temple. It is believed that every devotee who visits this temple with a sincere heart has their wishes fulfilled, which is why it is famously known as "Ichhapuran Balaji" (Wish-Fulfilling Balaji). Devotees come here to seek blessings, and Lord Hanuman showers his grace upon them.
One of the most distinctive features of this temple is that Lord Hanuman’s idol is seated like a king, blessing the devotees. According to priest Ghanshyam Birla, this is the only temple in the world where Balaji is enshrined in a royal court-like setting, in a posture of granting blessings. The temple’s architecture is a blend of Jaipur’s Birla Temple and Gujarat’s Somnath Temple, making it a marvel of religious artistry.
Although devotees visit the Ichhapuran Balaji Temple throughout the year, the temple witnesses a grand annual fair on Basant Panchami. On this auspicious occasion, thousands of devotees gather to seek Balaji’s blessings. Additionally, Tuesdays and Hanuman Jayanti are also considered highly significant, drawing large crowds of devotees.
✔ Delhi: 325 km
✔ Jaipur: 225 km
✔ Churu: 60 km
The Ichhapuran Balaji Temple is not just a place of worship but a symbol of faith and spirituality, offering divine peace and fulfillment to all who visit. Devotees leave with a sense of positivity, contentment, and the assurance that their wishes will come true.
इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर सरदारशहर, राजस्थान के चूरू जिले में स्थित एक अद्वितीय और दिव्य हनुमान मंदिर है। मान्यता है कि इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है, इसलिए इसे "इच्छापूर्ण बालाजी" के नाम से जाना जाता है। यहाँ पर भक्तजन अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं और बालाजी महाराज हर किसी की झोली खुशियों से भर देते हैं।
इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ हनुमानजी की प्रतिमा किसी राजा की तरह विराजमान है। मंदिर के पुजारी घनश्याम बिरला के अनुसार, यह दुनिया का इकलौता मंदिर है, जहाँ बालाजी राजशाही दरबार के रूप में विराजमान हैं और आशीर्वाद की मुद्रा में भक्तों को कृपा प्रदान कर रहे हैं। मंदिर की स्थापत्य कला में जयपुर के बिरला मंदिर और गुजरात के सोमनाथ मंदिर की झलक देखने को मिलती है।
मंदिर में पूरे वर्ष भक्तों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन बसंत पंचमी के अवसर पर यहाँ भव्य वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है। इस दिन लाखों श्रद्धालु बालाजी के दर्शन करने आते हैं। इसके अलावा, हर मंगलवार और हनुमान जयंती के दिन भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
✔ दिल्ली से दूरी: 325 किमी
✔ जयपुर से दूरी: 225 किमी
✔ चूरू से दूरी: 60 किमी
इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है, जहाँ भक्तों को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है। यहाँ आने वाले श्रद्धालु सुख-समृद्धि और इच्छाओं की पूर्ति का आशीर्वाद लेकर लौटते हैं।